नई दिल्ली: दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात एक जज की आत्महत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे न्यायिक जगत को झकझोर दिया है। मृतक जज के परिवार ने उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लगातार मानसिक उत्पीड़न और पारिवारिक विवादों के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
परिजनों के अनुसार, जज पिछले दो महीनों से गहरे तनाव में थे। घटना वाली रात उन्होंने अपने पिता को फोन कर अपनी परेशानी साझा की और कहा कि अब उनके लिए जीना मुश्किल हो गया है। परिवार का दावा है कि जज की पत्नी और उनके बीच अक्सर विवाद होता था, जिसमें पत्नी की बहन का भी हस्तक्षेप रहता था।
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब कथित तौर पर पत्नी ने जज के पिता का अपमान किया और उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा। इससे जज बेहद आहत हो गए। पिता के मुताबिक, घटना के समय घर में जोरदार बहस हो रही थी, पत्नी गुस्से में चिल्ला रही थी जबकि जज रो रहे थे।
कुछ देर बाद अचानक शांति छा गई। जब पिता ने बेटे को आवाज दी और जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने फोन मिलाया। बाथरूम के अंदर से फोन की घंटी सुनाई दी। दरवाजा तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की है।
परिजनों के अनुसार, जज पिछले दो महीनों से गहरे तनाव में थे। घटना वाली रात उन्होंने अपने पिता को फोन कर अपनी परेशानी साझा की और कहा कि अब उनके लिए जीना मुश्किल हो गया है। परिवार का दावा है कि जज की पत्नी और उनके बीच अक्सर विवाद होता था, जिसमें पत्नी की बहन का भी हस्तक्षेप रहता था।
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब कथित तौर पर पत्नी ने जज के पिता का अपमान किया और उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा। इससे जज बेहद आहत हो गए। पिता के मुताबिक, घटना के समय घर में जोरदार बहस हो रही थी, पत्नी गुस्से में चिल्ला रही थी जबकि जज रो रहे थे।
कुछ देर बाद अचानक शांति छा गई। जब पिता ने बेटे को आवाज दी और जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने फोन मिलाया। बाथरूम के अंदर से फोन की घंटी सुनाई दी। दरवाजा तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की है।
