Saturday, April 5, 2025
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मुख्यमंत्री धामी ने16 एस.डी.जी एचीवर को किया सम्मानित

-अग्रगामी 2.0’ और एसडीजी इंडेक्स उत्तराखण्ड 2023-2024 का भी सीएम ने किया लोकार्पण

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में एस.डी.जी एचीवर अवार्ड समारोह में 3 व्यक्तियों, 09 संस्थानों और 04 औद्योगिक प्रतिष्ठानों को एसडीजी अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया। पिछले वर्ष के एसडीजी अवॉर्ड से पुरस्कृत व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा की जा रही अभिनव पहलों की पुस्तक ‘अग्रगामी 2.0’ और एसडीजी इंडेक्स उत्तराखण्ड 2023-2024 का लोकार्पण भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया। सी०पी०पी०जी०जी० द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए जारी जनपदवार एस०डी०जी० रैंकिंग में नैनीताल जनपद ने प्रथम स्थान, देहरादून दूसरे और उत्तरकाशी तीसरे स्थान पर रहे, तीनों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गगन त्रिपाठी, गुरजीत सिंह, सुबोध शाह को एसडीजी अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया। वहीं  हिमालयन स्टडी सर्कल फॉर एनवायरमेंट चाइल्ड एजुकेशन हेल्थ एंड रिसर्च, सुविधा एनजीओ,जागृति सेवा समिति, शक्ति फार्म चारा उत्पादक सहकारी समिति, AAGYO, सोसाइटी फॉर हिमालयन एसेंशियल नेचुरल एंड रिसर्च , हिम विकास सेल्फ रिलायंट कोऑपरेटिव,भारतीय ग्रामोथान संस्था, दानपुर लोक कला संस्कृति संगम को भी एसडीजी अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया।

इसके अलावा औद्योगिक प्रतिष्ठान- ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रिलेक्सो फुटवियर लिमिटेड, टीएचडीसीआईएल, टाटा एआईजीजनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कोप भी एसडीजी अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को एसडीजी एचीवर्स अवार्ड से सम्मानित होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल सरकार द्वारा 60 स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यक्तियों और सीएसआर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को एसडीजी एचीवर्स पुरस्कार से सम्मानित किया है। ये राज्य के विकास के वास्तविक ब्रांड एंबेसडर भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन के लिए ‘‘त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति“ की शुरुआत की गई है, जो सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

तीन साल पहले एसडीजी इंडिया इंडेक्स में राज्य 9वें स्थान पर था, आज देश में प्रथम स्थान पर है। गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, जन्म के समय लिंगानुपात, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा क्रांति, स्मार्ट सिटी मिशन और मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। राज्य में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, सतत कृषि और जल संसाधन प्रबंधन जैसी कई चुनौतियां हैं, जहां प्रभावी कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों में पहली रैंकिंग को बनाये रखना चुनौती है, सबके सामुहिक प्रयासों से हमें राज्य को आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति सही हो तो, खजाना भरता है। पिछले तीन सालों में नीतियों के सरलीकरण और राजस्व प्राप्ति के लिए काफी तेजी से प्रयास हुए हैं। खनन राजस्व 400 करोड़ से बढ़कर 1200 करोड़ हुआ है। इसी तरह अन्य क्षेत्रों में भी राज्य में राजस्व प्राप्ति तेजी से बढ़ रही है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, यूएनडीपी की रेजिडेंट प्रतिनिधि डॉ. एंजेला लुसुगी, पूर्व मुख्य सचिव एन रविशंकर, प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस.नेगी, सीपीपीजीजी के एसीईओ मनोज पंत आदि उपस्थित थे।

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