देहरादून। हरेला पर्व के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जिला खनन विभाग देहरादून ने व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया। जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्या शाह के निर्देशन में जिले के सभी स्टोन क्रशर एवं स्क्रीनिंग प्लांट परिसरों में लगभग 10 हजार पौधे रोपे गए। अभियान का उद्देश्य हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाना और औद्योगिक क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ावा देना रहा।
पौधरोपण अभियान में सभी स्टोन क्रशर स्वामियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से पौधे लगाए तथा अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, ताकि भविष्य में इन क्षेत्रों में हरित आवरण विकसित हो सके और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिले।
जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्या शाह ने बताया कि हरेला पर्व को देखते हुए इस अभियान की विशेष तैयारियां पहले से की गई थीं। निदेशक के निर्देशानुसार सभी स्टोन क्रशर एवं स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों का सहयोग लेकर इस अभियान को सफल बनाया गया। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सभी संबंधित इकाइयों को पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और समय-समय पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं। खनन विभाग की इस हरित पहल को हरेला पर्व पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है। अभियान के माध्यम से उद्योगों को भी पर्यावरण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
पौधरोपण अभियान में सभी स्टोन क्रशर स्वामियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से पौधे लगाए तथा अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, ताकि भविष्य में इन क्षेत्रों में हरित आवरण विकसित हो सके और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिले।
जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्या शाह ने बताया कि हरेला पर्व को देखते हुए इस अभियान की विशेष तैयारियां पहले से की गई थीं। निदेशक के निर्देशानुसार सभी स्टोन क्रशर एवं स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों का सहयोग लेकर इस अभियान को सफल बनाया गया। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सभी संबंधित इकाइयों को पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और समय-समय पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं। खनन विभाग की इस हरित पहल को हरेला पर्व पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है। अभियान के माध्यम से उद्योगों को भी पर्यावरण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
